Computer Fundamentals Online Study

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Computer Fundamentals Online Study कंप्यूटर एक उन्नत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो उपयोगकर्ता से एक इनपुट के रूप में कच्चा डेटा लेता है और इसे निर्देशों के एक सेट (प्रोग्राम कहा जाता है) के नियंत्रण में संसाधित करता है, एक परिणाम (आउटपुट) पैदा करता है, और इसे भविष्य के उपयोग के लिए बचाता है। Computer Fundamentals Online Study यह ट्यूटोरियल कंप्यूटर हार्डवेयर (Hardware), सॉफ्टवेयर (Software), ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System), बाह्य उपकरणों, आदि के साथ-साथ कंप्यूटर प्रौद्योगिकी से सबसे अधिक मूल्य और प्रभाव प्राप्त करने की मूलभूत अवधारणाओं की व्याख्या करता है।

यह ट्यूटोरियल शुरुआती के साथ-साथ उन्नत शिक्षार्थियों के लिए तैयार किया गया है जो कंप्यूटर से जानकारी चाहते हैं। कंप्यूटर विज्ञान, इंजीनियरिंग, व्यवसाय प्रशासन, प्रबंधन, विज्ञान, वाणिज्य और कला के स्नातक छात्रों के लिए भी ट्यूटोरियल बहुत उपयोगी है, जहां कंप्यूटर पर एक परिचयात्मक पाठ्यक्रम या पाठ्यक्रम का एक हिस्सा है।

इस ट्यूटोरियल को पूरा करने के बाद, आप कंप्यूटर की मूलभूत बातों के ज्ञान में अपने आप को एक मध्यम स्तर के विशेषज्ञ के रूप में पाएंगे, जहाँ से आप अपने आप को अगले स्तर पर ले जा सकते हैं।

कंप्यूटर का ज्ञान इस ट्यूटोरियल की सामग्री का पालन करने के लिए एक शर्त नहीं है। यह ट्यूटोरियल कंप्यूटर या कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में कोई पृष्ठभूमि नहीं मानता है।

शब्द व्युत्पत्ति
कंप्यूटर शब्द का प्रथम प्रयोग वर्ष 1613 में अंग्रेज लेखक रिचर्ड ब्रेथवेट की पुस्तक ‘”द यंग मैन ग्लीनिंग्स”‘ में पाया गया। मैंने समय के सबसे सही कम्प्यूटरों को और धरा पे जन्मे सर्वोत्तम अंक गणितज्ञ को पढ़ा है। यह उस व्यक्ति के बारे में बताता है जो गणनाएँ (computations) करता था, तभी से यह शब्द 20वी शताब्दी के मध्य तक इस सन्दर्भ में हूबहू प्रयोग होता आ रहा है। उन्नीसवी शताब्दी के अंत से इस शब्द ने और ज्यादा व्यवहारिक रूप ले लिया, यानी कि वो यन्त्र जो गणनाएँ करता है।

अभिकलन भाषा
अभिकलित्र जिस भाषा को समझता है उसे द्विआधारी भाषा कहते हैं। वास्तव में यह यंत्र केवल विद्युत धारा के चालू या बंद होने को ही समझता है॥ विद्युत प्रवाह होने एवं रुकने को 0 या 1 के जरिए व्यक्त किया जाता है। इसलिए इसपर कोइ काम करने के लिए इसे इस भाषा में निर्देश या सूचना देना होता है।

यंत्र भाषा
शुरूआती दिनों में अभिकलित्र को सीधे द्विआधारी भाषा में निर्देश या सूचना दी जाती थी। यंत्र से सीधा संपर्क रहने के कारण इसे यंत्र भाषा (मशीन लैंगुएज) भी कहा जाता था। इस तरह से निर्देश या सूचना देने की यह प्रक्रिया काफी जटिल थी।

संयोजन भाषा
यंत्र भाषा की जटिलता को कम करने के लिए संयोजक (असेंबलर) की सहायता ली गई। यह ऐसा प्रोग्राम था जो कुछ खास शब्दों को द्विआधआरी संकेतों के समूह में बदल देता था। इस भाषा में प्रत्एक प्रक्रिया के लिए एक सरल शब्द चुन लिए गए थे। इससे द्विआधारी संकेत समूह के बजाय केवल संकेत शब्द लिखकर काम हो जाता था॥ इस संकेतों द्वारा संयोजित तथा संयोजक की सहायता से काम करने वाली भाषा को संयोजन भाषा (असेंबली लैंगुएज) कहा गया।

उच्च स्तरीय भाषाएँ (High Level Language)
असेम्बली लेंगवेज के आने से संगणक प्रोग्रामर्स को सुविधा जरूर मिली, किन्तु इसके लिए प्रोग्रामर को संगणक के हार्डवेयर, तथा इसकी कार्य प्रणाली का सम्पूर्ण ज्ञान होना आवश्यक होता था। अतः अब और भी सरल भाषायों का विकास किया गया, जिन्हें उच्च स्तरीय भाषा कहा गया। इनमे से कुछ प्रमुख आरंभिक भाषाए कोबोल (COBOL), बेसिक (BASIC), सी (C) थी।
उच्च स्तरीय भाषायों या हाई लेवल लेंगवेजों को मशीन भाषा में परिवर्तित करने के लिए संकलक (Compiler) और व्याख्याता (Interpreter) की जरूरत पड़ती है।
संकलक या कंपाइलर उच्च स्तरीय भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को स्थायी रूप से मशीन भाषा में परिवर्तित करता है, जबकि व्याख्याता या इंटरप्रेटर एक एक पंक्ति करके परिवर्तित करता है।

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