International Nurse Day 2020 | उपचारिका दिवस 2020 | अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2020 | Florence Nightingale जन्म दिवस

International Nurse Day

International Nurse Day 2020 अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस कब मनाया जाता है – पूरी दुनिया भर में हर वर्ष 12 मई को “फ्लोरेंस नाइटिंगेल” के जन्मदिन को “अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस” के रूप में मनाया जाता है|

Florence Nightingale
Birthday :12 मई 1820
Death : 13 अगस्त 1910

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का इतिहास History of international nurses day – नर्स दिवस को मनाने का रास्ता पहली बार अनिल का के स्वास्थ्य और कल्याण नर्स दिवस को मनाने का प्रस्ताव पहली बार अमेरिका के स्वास्थ्य शिक्षा और कल्याण विभाग के अधिकारी डोरोथी सदरलैंड ने दिया था बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डीडी आइजनहावर ने इसे मनाने की स्वीकारता प्रदान की 12 मई को पहली बार 1953 में नर्स दिवस के रूप में मनाया गया था । अंतरराष्ट्रीय नर्स परिषद ने इस दिवस को पहली बार वर्ष 1965 में मनाया। उपचारिका दिवस की शुरुआत करने वाले प्रख्यात “फ्लोरेंस नाइटिंगेल” के नर्स दिवस 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाने का फैसला साल 1974 में लिया गया था।

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का महत्व Importance of International Nurses Day – नर्सिंग को पूरी दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य पेशे के रूप में माना जाता है। नर्स को फिजिकली ही नहीं मानसिक और सामाजिक स्तर से रोगी की देखभाल करने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित शिक्षित और अनुभवी होना चाहिए। जब चिकित्सक दूसरे रोगियों को देखने में व्यस्त होते हैं तब रोगियों की 24 घंटे देखभाल करने के लिए नर्सिंग की उपस्थित होना आवश्यक होता है। नर्सिंग द्वारा रोगियों के साथ मिलकर उनको रोगमुक्त एवं मनोबल देने के लिए मित्रवत व्यवहार सहायता की जाती है।

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार National Florence Nightingale Award- नर्सों को 12 मई को दिया जाने वाला पुरस्कार “राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल” पुरस्कार कहा जाता है। इस पुरस्कार की शुरुआत 1973 में भारत सरकार के परिवार एवं कल्याण मंत्रालय ने की थी। पुरस्कार से नर्सों की सराहनीय सेवा को मान्यता प्रदान किया जाता है। अब तक कुल 250 से करीब नर्सों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार नर्सों को राष्ट्रपति के द्वारा दिया जाता है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार के अंतर्गत नर्सों को 50 हजार रुपये , एक प्रशस्ति पत्र और मेडल से प्रदान किया जाता है ।

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